प्रेग्नेंसी में पेट दर्द क्यों होता है?

प्रेग्नेंसी में पेट दर्द क्यों होता है?

19 Apr 2022 | 1 min Read

Ankita Mishra

Author | 406 Articles

प्रेग्नेंसी के नौ महीने कई उतार-चढ़ाव भरे होते हैं। इस दौरान मॉर्निंग सिकनेस यानी उल्टी-मतली, चक्कर आना, बदन दर्द आदि जैसी समस्याओं के लक्षणों को अधिकतर देखा जा सकता है। इसी तरह प्रेग्नेंसी में पेट दर्द (Pregnancy mein Pet Dard) की समस्या भी देखी जा सकती है। ऐसे में प्रेग्नेंसी के दौरान पेट में दर्द होना कितना सामान्य या असामान्य है, इसकी जानकारी होनी जरूरी है। 

यही वजह है कि इस लेख में हम आपको गर्भावस्था में पेट दर्द (एब्डोमिनल पेन) क्यों होता है व इसका इलाज कैसे किया जा सकता है, इसकी जानकारी दे रहे हैं। तो अंत तक बने रहे हमारे साथ और स्क्रॉल करें यह लेख।

क्या प्रेग्नेंसी में पेट दर्द होना सामान्य है?

प्रेग्नेंसी में पेट दर्द
प्रेग्नेंसी में पेट दर्द / चित्र स्रोतः फ्रीपिक

हां, प्रेग्नेंसी में पेट दर्द होना सामान्य माना जा सकता है। खासकर गर्भावस्था की पहली और दूसरी तिमाही के दौरान। दरअसल, प्रेग्नेंसी के शुरुआती चरणों में पेट के आकार में बदलाव होता रहता है। इस वजह से प्रेग्नेंसी के 18वें और 24वें सप्ताह के बीच प्रेग्नेंसी में पेट दर्द की समस्या हो सकती है। प्रेग्नेंसी के दौरान पेट में दर्द क्यों होता है इसके विभिन्न सामान्य व असामान्य कारण भी हो सकते हैं, जिसके बारे में आगे बताया गया है। 

क्या प्रेग्नेंसी के दौरान पेट में दर्द के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं?

प्रेग्नेंसी के दौरान पेट में दर्द के लक्षण विभिन्न हो सकते हैं। आमतौर पर गर्भावस्था में पेट दर्द (एब्डोमिनल पेन) का स्थान बदल सकता है। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी गर्भवती महिला को पेट के निचले हिस्से में दर्द महसूस होता है, तो हो सकता है कि अगली बार उसके पेट के किसी दूसरे हिस्से में दर्द महसूस हो। इसको बेहतर तरीके से समझने के लिए नीचे दिए गए बिंदूओं को पढ़ें।

  • पेट के ऊपरी हिस्से यानी पसलियों के नीचे और नाभि के बीच में दर्द होना।
  • पेट के ऊपरी हिस्से के बाईं ओर, बाईं तरफ के गुर्दे, बड़ी आंत आदि अंगों में दर्द होना। 
  • पेट के ऊपरी हिस्से के दाईं ओर, दाईं तरफ के निप्पल से लेकर नाभि तक, लिवर में, फेफडे़ में व किडनी जैसे अंगों में दर्द होना।
  • पेट के निचले हिस्से खासतौर पर नाभि से नीचे दर्द होना।
  • पेट के निचले हिस्से के बाईं ओर, किडनी, गर्भाशय, मूत्राशय या अंडाशय व फैलोपियन ट्यूब में दर्द होना।
  • पेट के निचले हिस्से के दाईं ओर भी दर्द हो सकता है।

गर्भावस्था में पेट दर्द (एब्डोमिनल पेन) के कारण 

गर्भावस्था के दौरान पेट दर्द के कारण कई हो सकते हैं। इनमें अधिकतर कारण सामान्य ही होते हैं, हालांकि, कुछ परिस्थियों में गर्भावस्था के दौरान पेट दर्द के कारण गंभीर हो सकते हैं। नीचे दोनों की स्थितियों के बारे में बताया गया है।

प्रेग्नेंसी में पेट दर्द
प्रेग्नेंसी में पेट दर्द / चित्र स्रोतः फ्रीपिक

गर्भावस्था के दौरान पेट दर्द के सामान्य कारण

  • गोल अस्थिबंध दर्द यानी पेट के निचले हिस्से में दर्द होना। यह बढ़ते गर्भाशय का लक्षण भी माना जा सकता है।
  • गैस, कब्ज की समस्या या पेट फूलने की स्थिति भी गर्भावस्था के दौरान पेट दर्द के कारण बन सकते हैं।
  • ब्रेक्सटन हिक्स संकुचन (Braxton-Hicks Contractions) के कारण भी प्रेग्नेंसी में पेट दर्द हो सकता है। 
  • गर्भावस्था के दौरान ऑर्गेज्म तक पहुंचने पर भी कुछ गर्भवती महिलाएं पेट में दर्द का अनुभव कर सकती हैं।

गर्भावस्था के दौरान पेट दर्द के असामान्य व गंभीर कारण

  • एक्टोपिक प्रेग्नेंसी (Ectopic Pregnancy), ऐसी स्थिति में भ्रूण गर्भाशय की जगह फैलोपियन ट्यूब में विकसित होने लगता है।
  • गर्भावस्था में गुर्दे की पथरी होना 
  • गर्भाशय में फाइब्रॉइड होना
  • गर्भावस्था के दौरान पेट दर्द के कारण मूत्रमार्ग का संक्रमण भी शामिल हो सकता है।
  • गर्भावस्था में अपेंडिसाइटिस होने पर भी पेट में दर्द का अनुभव हो सकता है।
  • इसके अलावा, अगर गर्भावस्था की तीसरी तिमाही के दौरान पेट में दर्द होता है, तो यह समय पूर्व प्रसव के लक्षण भी हो सकते हैं।
  • प्लेसेंटा के टूटने पर भी गर्भावस्था में पेट दर्द (एब्डोमिनल पेन) हो सकता है। यह एक इमरजेंसी  मेडिकल कंडीशन होती है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर तत्काल प्रभाव से सी-सेक्शन के जरिए डिलीवरी का फैसला ले सकते हैं।
  • गर्भपात के लक्षण के दौरान प्रेग्नेंसी में पेट दर्द की समस्या हो सकती है।
  • गर्भावस्था में प्री-एक्लेमप्सिया होने पर भी पेट में गंभीर दर्द हो सकता है।

गर्भावस्था में पेट दर्द (एब्डोमिनल पेन) होना कब चिंता का विषय हो सकता है?

भले ही गर्भावस्था की पहली व दूसरी तिमाही के दौरान पेट दर्द को सामान्य माना जा सकता है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में यह गंभीर हो सकता है और चिंता का विषय भी हो सकता है। इसके लिए जरूरी है कि इसके लक्षणों को पहचाना जाए। यहां हम गर्भावस्था के चरण के अनुसार पेट दर्द की स्थिति बता रहे हैं, जिसके आधार पर इसे सामान्य व गंभीर माना जा सकता है। 

गर्भावस्था की पहली तिमाही में पेट दर्द होना

  • अगर प्रेग्नेंसी के शुरुआती सप्ताह के बीच पेट में तेज दर्द व असहनीय ऐंठन जैसे लक्षण होते हैं, तो यह गर्भपात के लक्षण हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी हो सकता है।
  • अगर पेट दर्द तेज हो रहा है तो धीरे-धीरे पूरे पेट में फैल सकता है, तो यह अस्थानिक गर्भावस्था का लक्षण हो सकता है। ऐसी स्थिति में भी डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

गर्भावस्था की दूसरी तिमाही में पेट दर्द होना

  • अगर दूसरी तिमाही के दौरान कभी-कभार हल्का-फुल्का प्रेग्नेंसी में पेट दर्द होता है, तो इस सामान्य माना जा सकता है। यह अधिक शारीरिक गतिविधियां करने, अपच होने, गैस व कब्ज के कारण हो सकता है। 
  • लेकिन अगर गर्भावस्था के 12वें सप्ताह से 24वें सप्ताह के बीच पेट में तेज दर्द के साथ रक्तस्राव होता है, तो यह चिंता का विषय हो सकता है।

गर्भावस्था की तीसरी तिमाही में पेट दर्द होना

  • अगर प्रसव का समय नजदीक है, तो इस दौरान प्रेग्नेंसी में पेट दर्द सामान्य हो सकता है। 
  • वहीं, अगर तीसरी तिमाही के शुरूआती हफ्तों के बीच प्रेग्नेंसी के दौरान पेट में दर्द होता है, तो यह समय से पहले डिलीवरी के लक्षण हो सकते हैं।

गर्भावस्था के दौरान पेट दर्द (एब्डोमिनल पेन) के इलाज 

आमतौर पर, गर्भावस्था के दौरान पेट दर्द (एब्डोमिनल पेन) कुछ समय के बाद अपने आप ठीक भी हो सकते हैं। हालांकि, फिर भी गर्भावस्था के दौरान पेट दर्द (एब्डोमिनल पेन) के इलाज के लिए आप निम्नलिखित उपाय अपना सकती हैंः

  • सिकाई करना – गर्म पानी की बोतल या हीट पैड से पेट में दर्द वाले हिस्से की सिकाई कर सकती हैं।
  • फाइबर युक्त खाद्य – गैस, कब्ज, पेट फूलने या अपच के कारण अगर प्रेग्नेंसी में पेट दर्द होता है, तो इसके लिए आहार में फाइबर शामिल करें।
  • आराम करें – बहुत ज्यादा शारीरिक गतिविधियां करने से भी पेट में दर्द हो सकता है, इसलिए उचित आराम करें और अधिक भागदौड़ करने से बचें।
  • स्ट्रेचिंग करना – पेट दर्द से राहत पाने के लिए स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज भी कर सकती हैं।
  • थोड़ा खाएं – भूख लगने पर एक बार में अधिक भोजन न खाएं, बल्कि थोड़ी-थोड़ी मात्रा में 5 से 6 बार खाएं।
  • मालिश करें – अगर गर्भावस्था में पेट दर्द (एब्डोमिनल पेन) की समस्या शारीरिक संबंध बनाने के बाद होती है, तो गुनगुने तेल से पीठ की मालिश करने पर आराम मिल सकता है।

अधिकतर मामलों में प्रेग्नेंसी में पेट दर्द की समस्या को लेकर ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं होती है। लेकिन, अगर प्रेग्नेंसी के दौरान पेट में दर्द की समस्या बार-बार होती है या दर्द सामान्य से तेज हो, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके अलावा, सामान्य स्थितियों में गर्भावस्था में पेट दर्द (एब्डोमिनल पेन) से राहत पाने के लिए लेख में बताए गए गर्भावस्था के दौरान पेट दर्द (एब्डोमिनल पेन) के इलाज के तरीके भी आजमां सकती हैं। ध्यान रखें कि इस दौरान पेट दर्द के लिए दर्द निवारक दवाओं का सेवन डॉक्टरी सलाह पर ही करें।

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