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प्रेगनेंसी में लूज़ मोशंस (Pregnancy me Loose Motion ka Ilaj)

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प्रेगनेंसी में लूज़ मोशंस (Pregnancy me Loose Motion ka Ilaj)

प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को पहली और तीसरी तिमाही में Loose Motions होते हैं. ये एक तरह से शरीर को डिलीवरी के लिए तैयार कर रहा होता है. दस्त या Loose Motions इसलिए भी होते हैं क्योंकि बच्चा बड़ा हो रहा होता है. इसके साथ-साथ आपको उलटी आना, उलटी जैसा मन होना, सिरदर्द भी हो सकता है.

 

बड़ों में दस्त के कारण

 

कई बार, प्रेगनेंसी में होने वाले दस्त की वजह भी वही होती है, जो बड़ों या नॉन-प्रेग्नेंट महिलाओं को होती है. इसके कारण हैं:

आँतों में किसी तरह के बैक्टीरियल इन्फेक्शन की वजह से दस्त होना। इसके पीछे टाइफाइड, कॉलरा, हेपेटाइटिस A, हेपेटाइटिस E जैसी बीमारियाँ होती हैं.

गंदे पानी या खाने की वजह से फ़ूड पोइज़निंग।

एसिडिटी या अपच.

 

प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में दस्त की समस्या ज़्यादा होती है. इसकी वजह इस दौरान माँ की डाइट में बदलाव भी होते हैं.

 

जैसे ज़्यादा फाइबर वाला खाना।

दूध की मात्रा बढ़ना, जिससे इससे से एलर्जिक लोगों को दस्त होना।

विटामिन और मिनरल सप्लीमेंट लेना, जैसे आयरन और कैल्शियम।

कुछ ऐसे खाने से एलर्जी, जिनसे शरीर को पहले कोई परेशानी नहीं थी.

 

गर्भवती महिलाओं को सफ़र के दौरान दस्त की शिकायत हमेशा रहती है, इसलिए उन्हें इस दौरान अपने साथ पानी और खाना लेकर चलना चाहिए।

 

प्रेगनेंसी में दस्त ठीक करने के उपाय

 

ज़्यादा से ज़्यादा पानी पिएँ ताकि बॉडी में Fluids की कमी न हो.

शरीर में पानी की कामी को और पानी, तरल पदार्थ से पूरा करें।

ज़्यादा गंभीर स्थिति में ORS का इस्तेमाल करें।



Loose Motions: क्या खाएँ?

सादा हल्का खाना, जिसमें कम तेल-मिर्च हो

मसालेदार या देर में पचने वाली कोई चीज़ न खाएँ

सेब या केले जैसे फाइबर से युक्त फल लें, ये दस्त पर रोक लगाते हैं.

दूध न लें लेकिन दूध से बनी चीज़ें जैसे दही, पनीर ले सकती हैं. इनमें प्रोबिओटिक बैक्टीरिया होता है, ये शरीर को अच्छा बैक्टीरिया देता है.

BRAT डाइट यानी बनाना (केला), राइस (चावल), एप्पल (सेब), टोस्ट (ब्रेड) की डाइट बेस्ट है.

इस दौरान विटामिन या मिनरल की दवाई बंद कर सकती हैं और ठीक होने पर फिर शुरू कर सकती हैं.

तीन दिन से ज़्यादा होने पर डॉक्टर आपको एंटीबायोटिक देगा।

ज़्यादा डिहाइड्रेशन में IV फ्लूड्स दिये जाते हैं.



सफ़र करना हो, लेकिन दस्त लगे हों

 

सफर पर निकलने से पहले अपने डॉक्टर से बात कर लें कि आप ट्रैवल करने के लिए फ़िट हैं या नहीं। और आपके पास सफ़र के दौरान ज़रूरी दवाईयाँ हैं या नहीं। आपको सफर में उलटी, सिरदर्द जैसी दवाइयों की ज़रूरत पड़ सकती है.

 

गर्भवती महिलाएं ट्रैवल के दौरान आसानी से इन्फेक्शन पकड़ सकती हैं, इसलिए इसका टीका लगवा कर जाएँ।

अपनी पानी की बोतल साथ लेकर चलें और हो सके तो उबाल कर ठंडा किया हुआ पानी पिएं।

इस दौरान कच्ची चीज़ें जैसी सलाद, सैंडविच न खाएँ। ताज़ा, गरम खाना बेहतर होगा।

छिलके वाले फल खाएं, बिना छिलके वाले फलों में संक्रमण का ख़तरा रहता है, इसलिए उन्हें न खाएँ।

कम तेल और मिर्च-मसाले वाला खाना खाएँ।



9वें महीने में होने वाले लूज़ मोशन लेबर पेन की निशानी है, इनका कोई ऐसा इलाज नहीं।

 

क्या इसके बच्चे पर कोई साइड-इफ़ेक्ट्स होते हैं?

अमूमन दस्त से बच्चे पर कोई ख़ास असर नहीं पड़ता। लेकिन डिहाइड्रेशन बच्चे के लिए खतरनाक हो सकता है. कभी-कभी इसकी वजह से  समय से पहले डिलीवरी हो सकती है. प्रेगनेंसी के दौरान अगर माँ का पेट ठीक न रहे तो इससे बच्चे के वज़न में कमी या फिर शिशु की मौत भी हो सकती है.



डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गयी सूचना किसी भी तरह से डॉक्टरी सलाह, जाँच, ट्रीटमेंट से बढ़ कर नहीं है. हमेशा अपने  डॉक्टर की एडवाइस लें.