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छोटे बच्चों के स्कैल्प से जुड़ी सबसे अधिक होने वाली 4 समस्याएं और उनका इलाज

छोटे बच्चों के स्कैल्प से जुड़ी सबसे अधिक होने वाली 4 समस्याएं और उनका इलाज

1 Jun 2022 | 1 min Read

Ankita Mishra

Author | 408 Articles

हम बड़े व वयस्क लोगों की ही तरह छोटे बच्चों के स्कैल्प में भी इंफेक्शन हो सकता है। आमतौर पर छोटे बच्चों के बालों में डैंड्रफ की समस्या सबसे अधिक देखी जा सकती है। ऐसे में छोटे बच्चों में ड्राई स्कैल्प या अन्य स्कैल्प संबंधी परेशानी का इलाज करने के लिए किसी भी तरह के शैंपू या तेल का इस्तेमाल करना चाहिए। 

बच्चों के स्कैल्प संबंधी परेशानी का इलाज हमेशा उनके कारणों के आधार पर ही करना चाहिए। जैसा कि बच्चों के स्कैल्प की त्वचा बहुत ही नाजुक होती है और इस वजह से लगातार उनके स्कैल्प की सफाई करना या बालों को कंघी करना भी परेशानी का कारण बन सकती है। यही वजह है कि बच्चों के स्पैल्प में आमतौर पर चार तरह की बालों से जुड़ी समस्याएं सबसे अधिक देखी जा सकती है। 

बच्चों के स्कैल्प से जुड़ी 4 सबसे सामान्य परेशानियां

नीचे स्क्रॉल करें और बच्चों के स्कैल्प से जुड़ी सबसे सामान्य चार तरह की परेशानियों के बारे में विस्तार से जानें।

बच्चों के स्कैल्प
बच्चों के स्कैल्प / चित्र स्रोतः फ्रीपिक

1. चाइल्ड स्कैल्प एक्जिमा (Child Scalp Eczema) 

चाइल्ड स्कैल्प एक्जिमा की बात करें, तो यह एक वर्ष से छोटी उम्र के बच्चों व उससे बड़ी उम्र के बच्चों में भी हो सकता है। एक्जिमा एक ऐसी स्थिति है, जिसमें बच्चों के बालों में डैंड्रफ व छोटे बच्चों में ड्राई स्कैल्प की समस्या सबसे आम रूप से देखी जा सकती है। इसकी समस्या गंभीर होने पर बच्चों के सिर में पपड़ी हो सकती है और नवजात शिशु के बाल झड़ने भी शुरू हो सकते हैं। 

बच्चों के स्कैल्प में एक्जिमा के कारण

  • बच्चों के स्कैल्प में एक्जिमा के कारण अज्ञात हैं, जबकि यह कमजोर प्रतिरोधक क्षमता के कारण हो सकता है।
  • इसके अलावा, एलर्जी होने पर भी बच्चों के स्कैल्प में एक्जिमा हो सकता है।

बच्चों के स्कैल्प में एक्जिमा के लक्षण

  • बच्चों के बालों में डैंड्रफ होना
  • स्कैल्प में खुजली होना
  • स्कैल्प में लाल चकत्ते होना, जिसमें कभी-कभी पानी या पस जैसा तरल पदार्थ भी बह सकता है
  • स्कैल्प के साथ ही गाल पर, माथे पर या गर्दन के आस पर रूखी त्वचा व डैंड्रफ होना

बच्चे के स्कैल्प की ड्राइनेस और खुजली को दूर करने के लिए बेबीचक्रा का नारियल तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है।

2. बच्चों के स्कैल्प में फॉलिकुलिटिस (Folliculitis)

फॉलिक्युलिटिस एक सामान्य त्वचा की स्थिति है, जिसमें बालों के रोम में सूजन हो जाती है। यह आमतौर पर बैक्टीरिया या फंगल संक्रमण के कारण हो सकता है, जो समय के साथ गंभीर हो सकता है और अन्य हिस्सों में भी फैल सकता है। 

बच्चों के स्कैल्प में फॉलिकुलिटिस के कारण

  • बच्चों के स्कैल्प में फॉलिकुलिटिस का सबसे सामान्य कारण बच्चे की शारीरिक स्वच्छता में कमी हो सकती है। इससे बच्चे के बालों को रोम में स्टैफिलोकोकस ऑरियस (स्टैफ) नामक बैक्टीरिया पनप सकता है, जो बच्चों के स्कैल्प में फॉलिकुलिटिस के कारण बन सकता है।

बच्चों के फॉलिकुलिटिस में एक्जिमा के लक्षण

  • सिर में बालों के रोम के आसपास छोटे लाल या सफेद पिंपल्स होना
  • सिर में खुजली होना
  • बच्चों के बालों में डैंड्रफ होना
  • बच्चे के स्कैल्प में सूजन होना

बच्चे को स्कैल्प संबंधित परेशानी में नैचुरल इंग्रीडिएंट्स युक्त प्रोडक्ट्स का प्रयोग करना चाहिए। आप बेबीचक्रा का बेबी हेयर ऑयल बच्चे को लगा सकती हैं

3. बच्चों के स्कैल्प में एलोपेशिया (Alopecia)

एलोपेशिया एरेटा एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जो कमजोर इम्यून सिस्टम की वजह से होती है। ये बीमारी तेजी से बालों को रोमों को कमजोर कर सकती हैं और इससे बालों का झड़ना शुरू हो सकता है।

बच्चों के स्कैल्प में एक्जिमा के कारण

  • बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होना
  • बच्चे को किसी खाद्य से एलर्जी होना, जो उसकी इम्यूनिटी को प्रभावित करे

बच्चों के स्कैल्प में एक्जिमा के लक्षण

  • नवजात शिशु के बाल झड़ना
  • बच्चों के सिर में पपड़ी होना

4. बच्चों के स्कैल्प में टिनिआ केपिटिस (Tinea Capitis)

टिनिआ केपिटिस एक ऐसी बीमारी है जो सिर की त्वचा और पलकों जैसे क्षेत्रों की ऊपरी सतह पर फंगल इंफेक्शन की वजह से होती है। टिनिया केपिटिस को दाद और हर्पीज टॉन्सिल संक्रमण के रूप में भी जाना जाता है।

बच्चों के स्कैल्प में एक्जिमा के कारण

  • बच्चों के स्कैल्प में टिनिआ केपिटिस माइक्रोस्पोरम और ट्राइकोफाइटन फंगस के कारण हो सकता है। शुरू में यह बालों के रोम में पनपता है, जो बाद में पलकों और भौंहों तक फैल सकता है।

बच्चों के स्कैल्प में एक्जिमा के लक्षण

  • सिर की त्वचा में लालिमा व खुजली होना
  • छोटे-छोटे दाने होना, जिसमें से तरल पदार्थ बहता हो
  • सिर की त्वचा में दाद होना

यात्रा पर जाते समय शिशु को नहलाने व हेयर वॉश के लिए प्रोडक्ट्स कैसे कैरी करें यह सोच रहे हैं, तो बेबीचक्रा की ट्रेवल किट है इसका समाधान।

बच्चों के स्कैल्प संबंधी परेशानी का इलाज कैसे करें?

बच्चों के स्कैल्प संबंधी परेशानी का इलाज डॉक्टर बच्चे के स्कैल्प की स्थिति व उसके लक्षणों के आधार पर कर सकते हैं। हालांकि, कुछ दुर्लभ स्थितियों में डॉक्टर बच्चे के लिए दाव के सेवन का भी निर्देश दे सकते हैं। यहां हम कुछ सामान्य तरीके बता रहे हैं, जिससे बच्चों के स्कैल्प संबंधी परेशानी का इलाज आसानी से किया जा सकता है। 

स्कैल्प इंफक्शन दूर करने के लिए बेबी शैंपू

स्कैल्प इंफक्शन दूर करने के लिए बेबी शैंपू सबसे अच्छा इलाज का तरीका हो सकता है। ऐसे कई भरोसेमंद ब्रांड व उनके उत्पाद हैं, जो खासतौर पर सिर्फ बच्चों के स्कैल्प की देखभाल के लिए शैंपू का उत्पादन करते हैं। इन्हीं में एक है बेबीचक्रा का बेबी शैंपू (Strengthening Baby Shampoo)।

बेबीचक्रा नेचुरल स्ट्रेंथनिंग बेबी शैंपू (Strengthening Baby Shampoo) के गुणः

  • इसे गुड़हल व एलोवेरा अर्क के साथ ही, करी पत्ता के तेल समेत चंदन जैसे कई प्राकृतिक औषधियों के मिश्रण से बनाया है, जिस वजह से यह विभिन्न विटामिन व मिनरल से भरपूर है। 
  • इसके अलावा, इसमें किसी भी केमकिल का इस्तेमाल नहीं किया गया है।
  • स्कैल्प की देखभाल करे।
  • बालों के स्वस्थ विकास में मदद करे।
  • बालों को दोगुना अधिक मजबूती दे।
  • स्कैल्प के पीएच को संतुलित बनाएं।
  • का अर्क न केवल सिर की त्वचा को आराम देता है बल्कि यह आपके बच्चे के बालों को मुलायम और चमकदार बनाता है।

बेबीचक्रा नेचुरल स्ट्रेंथनिंग बेबी शैंपू (Strengthening Baby Shampoo) खरीदने के लिए यहां क्लिक करें।

तो, आपने इस आर्टिकल में बच्चों के स्कैल्प व बच्चों के बालों में डैंड्रफ से जुड़ी कुछ खास जानकारी पढ़ी। बेबीचक्रा नेचुरल स्ट्रेंथनिंग बेबी शैंपू को आप अमेजन व फल्पिकार्ट जैसे शॉपिंग साइट से ऑनलाइन भी खरीद सकते हैं। या अपनी इच्छा के अनुसार बेबीचक्रा की बेवसाइट या मोबाइल एप से भी इसे घर बैठे ऑर्डर कर सकते हैं। 

साथ ही, यह भी ध्यान में रखें कि बच्चों के स्कैल्प से जुड़ी परेशानी अगर गंभीर है, तो डॉक्टरी इलाज को ही प्राथमिकता दे और बच्चे के स्तनपान, आहार व उनकी व्यक्तिगत स्वच्छता पर भी ध्यान जरूर दें।

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