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प्रेग्नेंसी में यात्रा करने के लिए सबसे सुरक्षित तरीका क्या है और किस महीने तक सफर करनी चाहिए?

प्रेग्नेंसी में यात्रा करने के लिए सबसे सुरक्षित तरीका क्या है और किस महीने तक सफर करनी चाहिए?

19 May 2022 | 1 min Read

Ankita Mishra

Author | 406 Articles

प्रेग्नेंसी के दौरान देखभाल व सावधानी से जुड़ी हर छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है। ऐसे में प्रेग्नेंसी में यात्रा करने के दौरान भी कई जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। अगर आप गर्भावस्था के दौरान यात्रा करना चाहती हैं, तो गर्भावस्था में सफर करने से पहले इस लेख में बताई गई बातों का ध्यान रखें। 

इस लेख में हम इसकी जानकारी दे रहे हैं कि प्रेग्नेंसी में यात्रा (Garbhavastha mein Yatra in Hindi) करने के लिए कार, बस, मोटर साइकल या हवाई जहाज किस साधन का इस्तेमाल करना सबसे सुरक्षित हो सकता है। साथ ही, इसकी भी जानकारी दी गई है कि किस महीने तक गर्भावस्था के दौरान यात्रा करना सुरक्षित हो सकता है।

प्रेग्नेंसी में यात्रा करना कितना सुरक्षित है?

वैसे तो प्रेग्नेंसी में यात्रा करनी पूरी तरह से सुरक्षित मानी जा सकती है। हालांकि, गर्भावस्था के दौरान यात्रा करना तभी सुरक्षित माना जा सकता है, जब गर्भवती महिलाएं यात्रा की पूरी तैयारी और योजना के साथ यात्रा करें। इसके अलावा, गर्भावस्था के दौरान यात्रा करना सुरक्षित बनाने के लिए निम्नलिखित स्थानों पर सफर करने से बचना चाहिए, जैसेः

  • संक्रमित क्षेत्र
  • प्रदूषित स्थान
  • ऊबड़-खाबड़ या गड्ढों वाले मार्ग
  • भीड़-भाड़ वाला इलाका

इसके अलावा, गर्भावस्था के दौरान कार से सफर (यात्रा) करना या बस, ट्रेन व प्लेन से सफर करना कितना सुरक्षित हो सकता है, इसके बारे में भी नीचे बता रहे हैं।

प्रेग्नेंसी में यात्रा (ट्रैवल) के लिए संसाधनों का इस्तेमाल 

प्रेग्नेंसी में यात्रा करना
प्रेग्नेंसी में यात्रा करना / चित्र स्रोतः गूगल

प्रेग्नेंसी में वायुमार्ग यात्रा, हवाई जहाज, हेलीकॉप्टर

आमतौर पर गर्भवती महिलाएं किस महीने तक की गर्भावस्था तक हवाई सफर कर सकती हैं, इसके लिए एयरलाइंस के नियम अलग-अलग हो सकते हैं। देखा जाए, तो अधिकांश एयरलाइंस 28 सप्ताह की गर्भावस्था यानी 7 महीने तक हवाई यात्रा करने देती हैं। 

हालांकि, कुछ आपात स्थितियों में 34 से 36 सप्ताह तक यानी 8 से 9 महीने की गर्भावस्था में भी सफर करने की अनुमति दे सकते हैं। इसके अलावा, यह अनुमति गर्भवती महिला की स्वास्थ्य स्थिति, गर्भ में बच्चों की संख्या व सफर करने की वजह के अनुसार भी दी जा सकती है। 

ऐसे में अगर हवाई जहाज के जरिए प्रेग्नेंसी के दौरान ट्रैवल करना है, तो टिकट कराने से पहले एयरलाइंस से जरूरी  पूछताछ जरूर करनी चाहिए।

प्रेग्नेंसी में ट्रेन से यात्रा करना

एक तरह से प्रेग्नेंसी में ट्रेन से यात्रा करना सबसे सुरक्षित तरीका माना जा सकता है। वजह है ट्रेन में सफर के दौरान किसी तरह का धक्का नहीं लगता है और गर्भवती महिला को सुविधाजनक तरीके से लेटने, सोने और बैठने और चलने-फिरने की भी जगह मिल सकती है। 

पर ध्यान रखें कि सुरक्षा के लिहाज से गर्भावस्था के 8 महीने तक ही ट्रेन से सफर करें। अगर आपात स्थिति है, तो ही इससे अधिक माह की गर्भावस्था में ट्रेन से सफर करने का फैसला करें।

गर्भावस्था के दौरान कार से सफर (यात्रा) करना या बस से सफर करना

गर्भावस्था के दौरान कार से सफर (यात्रा) करना या बस से सफर करना भी सुरक्षित माना जा सकता है। पर ध्यान रखें कि कार या बस में गर्भवती महिला के लेटने, चलने व बैठने के लिए सीट का सुविधाजनक होना बहुत जरूरी है। जैसा कि कार व बस की सीटें छोटी होती हैं और खराब रास्ता होने की वजह से धक्का भी लग सकता है, ऐसे में गर्भावस्था के दौरान कार से सफर (यात्रा) करना या बस से सफर करने से बचना चाहिए।

अगर गर्भावस्था के दौरान कार से सफर (यात्रा) करना चाहती भी हैं, तो हमेशा अपनी ही कार से सफर करें, जो प्रसव तक के समय के लिए सुरक्षित मानी जा सकती है। वहीं, अगर बस से सफर करना है, तो बेहतर होगा कि पहली तिमाही तक ही बस से सफर करने का फैसला करें।

गर्भावस्था में मोटरसाइकिल या स्कूटर से यात्रा करना

गर्भावस्था में मोटरसाइकिल या स्कूटर से यात्रा करना बहुत ही असुविधाजनक हो सकता है, इसलिए इस संसाधन को गर्भावस्था में यात्रा करने के लिए सुरक्षित नहीं माना जा सकता है। ऐसे में गर्भवती महिला जब तक मोटरसाइकिल या स्कूटर पर बैठने में समर्थ हैं और सुविधाजनक महसूस करती हैं, तो वे इस आधार पर गर्भावस्था में मोटरसाइकिल या स्कूटर से यात्रा कर सकती हैं। 

गर्भावस्था में रिक्शा, ऑटो रिक्शा या ई रिक्शा से यात्रा करना

अधिकांश तौर पर सार्वजनिक परिवहन में यात्रा के लिए रिक्शा, ऑटो रिक्शा या ई रिक्शा का ही इस्तेमाल किया जाता है। अगर कोई महिला गर्भावस्था के दौरान रिक्शा, ऑटो रिक्शा या ई रिक्शा में सफर करना चाहती हैं, तो इसका ध्यान रखें कि छोटी दूरी के लिए ही इसका चुनाव करें। इसके साथ ही शेयरिंग में इसका इस्तेमाल करने की बजाय इनकी बुकिंग करा सकती हैं। 

प्रेग्नेंसी में यात्रा या प्रेग्नेंसी के दौरान ट्रैवल करते समय किन बातों का रखें ध्यान

प्रेग्नेंसी में यात्रा या प्रेग्नेंसी के दौरान ट्रैवल करते समय निम्नलिखित बातों का रखें ध्यान, जैसेः

प्रेग्नेंसी में यात्रा करना
प्रेग्नेंसी में यात्रा करना / चित्र स्रोतः गूगल
  • खराब, टेढ़ें-मेढ़े, ऊबड़-खाबड़ या गड्ढों वाले रास्ते पर यात्रा न करें।
  • मोटरसाइकिल व स्कूटर के साथ ही रिक्शा, ऑटो रिक्शा या ई रिक्शा से सिर्फ छोटी दूरी तक की ही करें।
  • गर्भावस्था में सफर के दौरान खुद के साथ पानी की बोतल रखें और थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीती रहें। 
  • गर्भावस्था में सफर करते समय आरामदायक कपड़े पहनें। 
  • अगर बाइक से गर्भावस्था में सफर करना है, तो साड़ी, दुप्पटा, शॉल या स्कॉर्फ को अच्छे से लपेट लें, ताकि वे पहिए में न फसें।
  • प्रेग्नेंसी के दौरान ट्रैवल करने से भरपेट खाना न खाएं। हल्के-फुल्के भोजन कर सकती हैं।
  • गर्भावस्था में सफर करना सुरक्षित बनाने के लिए बार-बार सार्वजनिक शौचालयों का इस्तेमाल न करें। अगर इनका इस्तेमाल करना है, तो साफ-सुथरे सावर्जनिक शौचालयों का ही इस्तेमाल करें। 
  • गर्भावस्था के दौरान यात्रा करना सुरक्षित बनाने के लिए रास्ते में मिलने वाली खाद्य सामग्रियों को न खाएं। 

प्रेग्नेंसी के दौरान ट्रैवल के दौरान होने वाले ट्रैवलिंग सिकनेस से बचने के लिए क्या खाना चाहिए?

 मैटरनल केयर और चाइल्ड न्यूट्रिशन एक्सपर्ट डॉक्टर पूजा मराठे की सलाह के अनुसार “प्रेग्नेंसी के दौरान ट्रैवल के दौरान होने वाले ट्रैवलिंग सिकनेस से बचने के लिए एक अंतराल पर लेग एक्सरसाइज करते रहना चाहिए। इसके अलावा, बस, ट्रेन, प्लेन में सफर के बीच में थोड़ी देर के लिए टहलना भी अच्छा उपाय हो सकता है और डिहाइड्रेशन से बचना चाहिए। इसके लिए समय-समय पर पानी पीते रहें। साथ ही, नींद भी अच्छी तरह लेती रहें।”

“इसके अलावा, हवाई जहाज में सफर करने से डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है, जिससे बचने के लिए गर्भवती महिलाओं को प्लेन में या प्लेन में सफर करने से पहले उच्च मात्रा वाले सोडियम (नमक) और पैक्ड फूड खाने से बचना चाहिए।”

इनके स्थान पर निम्नलिखित खाद्यों का सेवन गर्भावस्था में ट्रैवलिंग के दौरान किया जा सकता है, जिनमें शामिल हैंः

  • हेल्दी कार्ब्स, हेल्टी फैट व लीन प्रोटीन
  • सूखे मेवे
  • फल
  • साबुत अनाज

देखा जाए, तो प्रेग्नेंसी में यात्रा करना (Garbhavastha mein Yatra in Hindi) पूरी तरह से सुरक्षित हो सकता है। हालांकि, यह पूरी तरह से गर्भवती महिला की तैयारियों व यात्रा से जुड़ी सावधानियों पर भी निर्भर कर सकता है। उम्मीद है गर्भावस्था के दौरान यात्रा करना व इससे जुड़ी दी गई अन्य जानकारी आपको पसंद आई होगी।

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