प्रेग्नेंसी में क्या खाएं और क्या न खाएं

प्रेग्नेंसी में क्या खाएं और क्या न खाएं

4 Mar 2022 | 1 min Read

Vinita Pangeni

Author | 260 Articles

गर्भावस्था को पूरी तरह से स्वस्थ रखने में खानपान की अहम भूमिका होती है। इस नाजुक दौर में परेशानियों से दूर  रहने के लिए गर्भवती महिला को कई तरह के सुझाव भी दिए जाते हैं। क्योंकि, इस दौरान खाने में हुई छोटी-सी भी चूक जोखिमों से भरी हो सकती है। इसी वजह से महिलाओं को समझ नहीं आता है कि प्रेग्नेंसी में क्या खाएं और क्या नहीं। साथ ही प्रेग्नेंसी डाइट से जुड़ी कई भ्रांतियां भी हैं, जिसके चलते प्रेग्नेंसी में क्या खाना चाहिए, यह समझना और भी जरूरी हो जाता है। बस तो प्रेग्नेंसी में क्या खाएं और क्या न खाएं, यह समझने के लिए इस लेख को पढ़ें। 

प्रेग्नेंसी में क्या खाना चाहिए? । गर्भावस्था में खान-पान

प्रेग्नेंसी में क्या खाना चाहिए, सोच रही महिलाओं के लिए नीचे आहार में शामिल करने वाले कुछ स्वस्थ विकल्प दिए गए हैं। इन फूड्स को डाइट में शामिल करके और गर्भावस्था में खानपान में ध्यान देकर कई तरह की जटिलताओं से बचा जा सकता है। चलिए, आगे जानते हैं इन फूड्स के बारे में –

  1. पालक

गर्भावस्था में खानपान में गौर करते हुए हरी पत्तेदार सब्जियों को भी डाइट में शामिल किया जाना चाहिए। खासकर, इस दौरान पालक को प्रेग्नेंसी डाइट में जगह देनी चाहिए। पालक में भरपूर मात्रा में आयरन होता है। यह गर्भावस्था में होने वाले एनीमिया यानी खून की कमी से बचाव कर सकता है।

  1. शकरकंद 

गर्भस्थ शिशु के विकास और गर्भवती दोनों के लिए ही शकरकंद को भी अच्छा माना जाता है। ऐसे में प्रेग्नेंसी में क्या खाएं, सोचने वाली महिलाएं शकरकंद भी खा सकती हैं। इसमें विटामिन-ए भरपूर मात्रा में होता है, जिसे आंखों के लिए अच्छा माना जाता है। यही नहीं, प्रेग्नेंसी में जरूरी माने जाने वाले फोलेट, फाइबर और विटामिन-सी जैसे पोषक तत्व भी शकरकंद में पाए जाते हैं। 

प्रेग्नेंसी डाइट - Pregnancy diet
स्वस्थ आहार /चित्र स्रोत : अनस्प्लैश
  1. ब्रोकली 

प्रेग्नेंसी में ब्रोकली को आहार में शामिल करना भी अच्छा माना जाता है। इसमें विटामिन बी 9 यानी फोलेट होता है। फोलेट को भ्रूण के मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के लिए अच्छा माना जाता है। बताया गया है कि फोलेट से भरपूर ब्रोकली का सेवन करने से गर्भावस्था स्वस्थ रहती है।

  1. डेयरी प्रोडक्ट

गर्भवती महिला की हड्डियों और शिशु के विकास के लिए डेयरी उत्पाद को जरूरी माना जाता है। दूध, दही, छाछ और मक्खन जैसे डेयरी उत्पाद को प्रेग्नेंसी डाइट में जगह दें। इससे कैल्शियम महिला के शरीर को मिलता है। इससे गर्भावस्था में हड्डियों को स्वस्थ रखने और गर्भस्थ शिशु के विकास में मदद मिलती है। बस इस दौरान पॉश्चरीकृत और कम वसा वाले डेयरी उत्पादों का ही सेवन करें।

  1. फलियां

अभी भी सोच रही हैं कि प्रेग्नेंसी में क्या खाएं और खाने के स्वस्थ विकल्प क्या हैं, तो फलियों का सेवन कर सकती हैं। ये आयरन, फाइबर, फोलेट, मैग्नीशियम, पोटैशियम जैसे कई पोषक तत्वों से समृद्ध होती हैं। इसी वजह से इन्हें प्रेग्नेंसी के लिए फायदेमंद माना जाता है। खासकर, इस दौरान सोयाबीन, मटर और चना का सेवन अच्छा माना गया है।

Pregnancy diet - प्रेग्नेंसी डाइट
स्वस्थ आहार /चित्र स्रोत : अनस्प्लैश

  1. फल और फलों का जूस

प्रेग्नेंसी में क्या खाना चाहिए, सोच रही महिलाओं को बता दें कि इस दौरान ताजे फल और उनका जूस का सेवन करना चाहिए। खासकर एवोकाडो को प्रेग्नेंसी के लिए स्वास्थ्यवर्धक कहा जाता है, क्योंकि इसमें फोलेट होता है। फोलेट को भ्रूण के मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के लिए जरूरी माना गया है। यही नहीं मौसमी फल भी गर्भवती महिला को खाने चाहिए। 

रिसर्च गर्भवती महिला को एक समय में अलग-अलग चार रंग वाले फलों का सेवन करने के लिए कहते हैं। सीजन हो तो तरबूज, बेर, स्ट्रॉबेरी, ब्लैकबेरी और संतरा गर्भावस्था के लिए अच्छे साबित हो सकते हैं। साथ ही फलों का जूस और भरपूर मात्रा में पानी पीना भी गर्भवती के लिए जरूरी है।

  1. सूखे मेवे 

गर्भवती महिला के लिए भोजन में तरह-तरह की सब्जियों और फलों के साथ ही सूखे मेवों को भी जगह देनी चाहिए। इनमें ओमेगा-3 फैटी एसिड, विभिन्न विटामिन और फाइबर होते हैं, जो गर्भवती महिला और गर्भस्थ शिशु के लिए अच्छे माने गए हैं। हां, अगर अखरोट या बादाम जैसे किसी भी ड्राई फ्रूट से एलर्जी हो, तो उसका सेवन न करें।

गर्भावस्था में क्या नहीं खाना चाहिए? । प्रेग्नेंसी में परहेज

  • अधपका व कच्चा अंडा न खाएं। इससे सालमोनेला  (Salmonella) संक्रमण होने का खतरा रहता है।
  • कच्चे व अधपके मांस का सेवन न करें। यह टॉक्सोप्लास्मोसिस (Toxoplasmosis) इंफेक्शन का कारण बनता है।
  • शराब व धूम्रपान से दूर रहें। इससे भ्रूण के विकास में बाधा आती है।
  • कैफीन का सेवन कम करें। इस दौरान 200 मिलीग्राम कैफीन से कम का ही सेवन करना चहिए। 
  • उच्च पारे वाली मछली न खाएं, जैसे स्पेनिश मैकेरल, मार्लिन या शार्क, किंग मैकेरल और टीलेफिश।
  • गर्भावस्था में कच्चा पपीता न खाएं। कच्चे पपीते से भ्रूण को नुकसान पहुंच सकता है।
  • कच्ची अंकुरित दालें न खाएं, क्योंकि इनमें बैक्टीरिया होते हैं। 
  • क्रीम वाले व कच्चे दूध से बना पनीर न खाएं। इनमें मौजूद लिस्टेरिया नामक बैक्टीरिया से प्रेग्नेंसी को नुकसान पहुंच सकता है।
  • अच्छे से न धोई हुई सब्जियां और फल न खाएं। इनसे भी इंफेक्शन का खतरा रहता है।

गर्भावस्था और गर्भस्थ शिशु का स्वास्थ्य पूरी तरह से इसी बात पर निर्भर करता है कि प्रेग्नेंसी में महिला क्या खाती है और क्या नहीं। यही कारण है कि महिला को पूरी तरह से पौष्टिक आहार संतुलित मात्रा में लेने की सलाह दी जाती है। प्रेग्नेंसी डाइट के साथ ही गर्भावस्था में समय-समय पर डॉक्टर से चेकअप करवाना भी अनिवार्य है।  

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