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प्रेग्नेंसी बुक्स को पढ़ने के इन फायदों से यकीनन अंजान होंगी आप

प्रेग्नेंसी बुक्स को पढ़ने के इन फायदों से यकीनन अंजान होंगी आप

18 Feb 2022 | 1 min Read

Mona Narang

Author | 69 Articles

माँ बनना किसी भी महिला के लिए एक बहुत ही सुखद अनुभव होता है। मन में कई तरह के भाव और ख्यालों का सैलाब उठना स्वाभाविक है। इसलिए इस दौरान महिला के खान-पान का खूब ध्यान भी रखा जाता है। हालांकि, सिर्फ खान-पान का ही नहीं, बल्कि इस दौरान महिला को अपने और अपने गर्भ में पल रहे शिशु के मन का भी पूरा ध्यान रखना आवश्यक है। जहां होने वाली माँ के मन में कई तरह के ख्याल आते हैं, वहीं कई बार बड़े-बूढ़ों को कहते भी सुना होगा कि माँ के मन और स्वभाव का प्रभाव भी गर्भ में पल रहे शिशु पर पड़ता है। इसके अलावा, कई बार माँ को धार्मिक व अच्छी चीजें देखने की सलाह दी जाती है। सिर्फ देखना ही नहीं, बल्कि धार्मिक किताबें भी पढ़ने की सलाह दी जाती है, ताकि माँ के द्वारा पढ़ी गई किताब का असर शिशु पर भी पड़े।

हमारे इस लेख में हम भी कुछ ऐसी ही सलाह दे रहे हैं, साथ ही साथ प्रेग्नेंसी बुक्स पढ़ने के फायदे भी साझा कर रहे हैं। इतना ही नहीं गर्भावस्था में किस तरह की किताब पढ़ी जानी चाहिए हम यह भी बताएंगे। तो बिना देर करते हुए पहले प्रेग्नेंसी में किताब पढ़ने के फायदे जान लीजिए।

प्रेग्नेंसी में किताब पढ़ने के फायदे

कहते हैं ना कि बड़े-बूढ़े जो कहते हैं उसमें कहीं न कहीं कुछ न कुछ सच्चाई जरूर होती है। ठीक वैसे ही अगर वे गर्भवती को किताब पढ़ने को कहते हैं तो इसके कुछ फायदे माँ और शिशु दोनों के लिए हैं। आइए जानते हैं क्या है ये फायदे:


Image Credit: Pexels

  • गर्भावस्था के दौरान मन में कई तरह के ख्याल आते हैं। इतना ही नहीं चिंता और अवसाद का भी जोखिम बना रहता है। ऐसे में एक अच्छी किताब पढ़ने से इस तरह की परेशानियों का जोखिम कम हो सकता है।
  • मूड स्विंग होना गर्भावस्था में सामान्य है, ऐसे में एक अच्छी किताब मूड स्विंग की परेशानी को दूर कर सकती है।
  • प्रेग्नेंसी के दौरान कोई अच्छी गर्भावस्था की किताब पढ़ने से गर्भवती को कई सारी जानकारियां मिल सकती हैं। इसके साथ ही उनके मन की उलझन भी दूर हो सकती है कि उनके लिए क्या सही है और क्या नुकसानदायक है।
  • इतना ही नहीं प्रसव से जुड़ी किताबों को पढ़कर महिला को प्रसव के लिए अपने आप को तैयार करने में भी मदद मिलेगी।
  • प्रेग्नेंसी में बच्चे से सम्बंधित किताब पढ़ने से माँ को अपने बच्चे की देखभाल से जुड़ी जानकारियां मिलेगी, जिससे उन्हें बच्चे की परवरिश करने में काफी मदद मिलेगी।
  • गर्भावस्था के दौरान धार्मिक किताबें पढ़ने से महिला का मन शांत होगा। साथ ही साथ कई लोगों का मानना है कि गर्भ में पल रहे शिशु को भी अच्छे संस्कार मिलेंगे।
  • बच्चे को खुश रखने के लिए महिला कार्टून और कहानियों की प्यारी-प्यारी किताबें भी पढ़ सकती हैं।
  • कई बार गर्भावस्था में महिला को अनिद्रा की भी समस्या हो सकती है। ऐसे में सोने से पहले एक अच्छी किताब पढ़ने से नींद भी अच्छी आ सकती है।

अब बात करते हैं कि गर्भावस्था के दौरान किस तरह की किताब गर्भवती पढ़ सकती हैं।

प्रेग्नेंसी में कौन-सी किताबें पढ़ें

अब जब गर्भावस्था में किताब पढ़ने के इतने फायदे हैं, तो गर्भवती को कौन सी किताबें पढ़नी चाहिए। तो लेख के इस विशेष भाग में हम बेस्ट प्रेग्नेंसी बुक्स के बारे में जानकारी दे रहे हैं।

Image Credit: Pexels

1. धार्मिक किताबें

कई बार बड़े-बूढ़े ये कहते हैं कि गर्भावस्था के दौरान महिला को धार्मिक फ़िल्में व पूजा-पाठ में मन लगाना चाहिए, ताकि उसका असर गर्भ में पल रहे शिशु पर भी पड़े। ये काफी हद तक सच भी है क्योंकि तीसरी तिमाही में शिशु का दिमाग़ विकसित हो चुका होता है तो धार्मिक किताबें पढ़ने से शिशु पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। माना जाता है कि उनमें अच्छे संस्कार विकसित हो सकते हैं। ऐसे में गर्भवती रामायण, गीता जैसी धार्मिक किताबें पढ़ सकती हैं।

2. गर्भावस्था से संबंधित किताबें

कई बार गर्भावस्था को लेकर महिला के मन में कई सारे सवाल होते हैं। ऐसे में गर्भवती प्रेग्नेंसी से जुड़ी किताबें पढ़ सकती हैं। इससे उन्हें गर्भावस्था से जुड़ी कई सारी जानकारियां मिल सकती है। आपको कई सारी प्रेग्नेंसी बुक्स ऑनलाइन भी मिल जाएंगी। गर्भावस्था के लक्षण, प्रेग्नेंसी से जुड़े खान-पान व अन्य कई जानकरियां मिल सकती हैं। सवालों के जवाब मिलने से महिला का मूड भी भी बेहतर हो सकता है।

3. पेरेंटिंग से जुड़ी किताबें

पहली बार माँ बनने का एहसास खास होता है, लेकिन पेरेंटिंग से जुड़े कई सवाल भी माता-पिता के मन में आने स्वाभाविक है। ऐसे में महिला पेरेंटिंग से जुड़े किताबों से अपने पेरेंटिंग के अनुभव को बेहतर कर सकती हैं। शिशु को कैसे उठाना है, कैसे खिलाना है, शिशु के विकास से जुड़ी सभी जानकरियां प्राप्त कर सकती हैं।

4. कार्टून और कहानियों की किताबें

कहा जाता है कि एक वक्त के बाद गर्भ में पल रहे शिशु को अपनी माँ की आवाज़ सुनाई डे सकती है और वो उनके स्पर्श को समझ सकता है। ऐसे में माँ अपने शिशु को खुश करने के लिए और उनपर सकारात्मक प्रभाव के लिए कहानियों की किताबें पढ़ सकती हैं और अपने और अपने शिशु के बीच संपर्क स्थापित कर सकती हैं।

5. मैगजीन पढ़ सकती हैं

गर्भावस्था के दौरान अपने ग्लो को बरकरार रखने के लिए ब्यूटी से जुड़ी मैगजीन पढ़ सकती हैं। इसके साथ ही सकारात्मक विचार या कोट्स वाली किताबें या वेबसाइट देख सकती हैं। इससे उनकी मूड स्विंग और अवसाद की समस्या से भी बचाव हो सकता है।

तो ये थे प्रेग्नेंसी में किताब पढ़ने से जुड़ी कुछ खास जानकारियां। उम्मीद है महिलाओं को हमारे इस लेख से काफी मदद मिलेगी। तो देर किस बात की अगर अभी तक आपने किताब पढ़ना शुरू नहीं किया है तो अब भी देर नहीं हुई उठा लीजिए अपनी कोई मनपसंद किताब और मजे से पढ़ें। साथ ही अगर आपकी कोई दोस्त या परिवार में कोई गर्भवती है तो उनके साथ इस लेख को शेयर कर उन्हें किताब पढ़ने फायदे बताएं और किताब पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें।

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