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Breathwork Tools: गर्भावस्था के दौरान ब्रीदिंग एक्सरसाइज कैसे मददगार हैं?

Breathwork Tools: गर्भावस्था के दौरान ब्रीदिंग एक्सरसाइज कैसे मददगार हैं?

16 May 2022 | 1 min Read

Ankita Mishra

Author | 406 Articles

कई महिलाओं का सवाल होता है कि क्या गर्भावस्था के दौरान ब्रीदिंग एक्सरसाइज (Breathing Exercises During Pregnancy) करनी चाहिए या नहीं? अगर प्रेग्नेंसी में ब्रीदिंग एक्सरसाइज किया जा सकता है, तो किस तरह के सांस लेने के व्यायाम करने चाहिए? ऐसे कई सवालों का जवाब आप इस लेख में पढ़ सकते हैं। 

साथ ही, गर्भावस्था के दौरान ब्रीदिंग एक्सरसाइज कितना सुरक्षित हो सकता है और इसे करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, इसका जवाब भी हेल्थ एक्सपर्ट के जरिए जानेंगे। 

क्या गर्भावस्था के दौरान ब्रीदिंग एक्सरसाइज करना सुरक्षित है?

हां, गर्भावस्था के दौरान ब्रीदिंग एक्सरसाइज करना (Breathing Exercises During Pregnancy) सुरक्षित माना जा सकता है। इसकी पुष्टि खुद विभिन्न शोध के जरिए की गई है। इतना ही नहीं, प्रेग्नेंसी में ब्रीदिंग एक्सरसाइज के फायदे भी हो सकते हैं। सांस लेने के व्यायाम करने से प्रसव पीड़ा और प्रसव के समय भी कम किया जा सकता है। 

शोद के अलावा, हेल्थ एक्सपर्ट भी महिला के स्वास्थ्य के अनुसार गर्भावस्था के दौरान ब्रीदिंग एक्सरसाइज करने की सलाह देते हैं। मैटरनल केयर और चाइल्ड न्यूट्रिशन एक्सपर्ट डॉक्टर पूजा मराठे का कहना है कि “प्रेग्नेंसी में ब्रीदिंग एक्सरसाइज करना सुरक्षित माना गया है। इससे माँ और भ्रूण तक ऑक्सीजन सप्लाई को बेहतर बनाया जा सकता है, जिससे बच्चे के संपूर्ण विकास में भी काफी मदद मिल सकती है।”

इसके अलावा, गर्भावस्था में ब्रीदिंग एक्सरसाइज के फायदे और क्या-क्या हो सकते हैं, इस दौरान गहरी सांस लेने के व्यायाम करते समय किस तरह की सावधानी बरतनी चाहिए, इसके बारे में भी नीचे विस्तार से बताया गया है। 

गर्भावस्था के दौरान ब्रीदिंग एक्सरसाइज करने के फायदे

गर्भावस्था के दौरान ब्रीदिंग एक्सरसाइज करने के निम्नलिखित फायदे हैं, जिनमें शामिल हैः

गर्भावस्था के दौरान ब्रीदिंग एक्सरसाइज
गर्भावस्था के दौरान ब्रीदिंग एक्सरसाइज / चित्र स्रोतः गूगल

1. प्रसव पीड़ा में कमी

अध्ययन के आधार पर ऐसा बताया गया है कि गर्भवती महिलाओं में गहरी सांस लेने के व्यायाम और सांस छोड़ने के व्यायाम करने से प्रसव पीड़ा को काफी हद कर कम किया जा सकता है। इसके साथ ही, इस शोध में यह भी बताया गया है कि गर्भावस्था के दौरान ब्रीदिंग एक्सरसाइज के इस लाभ को बढ़ाने के लिए गर्भावस्था के दूसरे चरण से ही शुरू किया जा सकता है। 

2. प्रसव (श्रम) का समय छोटा करे

गर्भावस्था में गहरी सांस लेने के व्यायाम के दूसरे फायदे में शामिल है प्रसव की अवधि को छोटा करना। यानी अगर गर्भावस्था के दूसरे चरण के दौरान से ही गर्भवती महिला नियमित रूप से गहरी सांस लेने के व्यायाम करती हैं, तो इससे शिशु के जन्म के दौरान लगने वाले घंटों को कम किया जा सकता है। 

3. मॉर्निंग सिकनेस से राहत दिलाए

प्रसव से जुड़ी परेशानियों को कम करने के साथ ही, गर्भावस्था के दौरान ब्रीदिंग एक्सरसाइज करने के फायदे गर्भावस्था के सामान्य लक्षणों को भी कम करने में प्रभावकारी हो सकते हैं। इनमें एक लक्षण मार्निंग सिकनेक के भी हैं। शोध में यह बताया गया है कि गहरी सांस लेने के व्यायाम के फायदे मतली व उल्टी की समस्याओं कम करके मॉर्निंग सिकनेस से राहत दिला सकते हैं। 

4. गहरी नींद के लिए गर्भावस्था के दौरान ब्रीदिंग एक्सरसाइज करना 

गर्भावस्था के दौरान ब्रीदिंग एक्सरसाइज करने के आगले फायदे में अनिद्रा की समस्या भी शामिल है। दरअसल, गहरी सांस लेने के व्यायाम करते समय सांस को धीरे-धीरे नाक के जरिए अंदर तक खींचना होता है, फिर सांस को बाहर की तरफ छोड़ना होता है। 

इस प्रक्रिया को करते समय न सिर्फ मन शांत हो सकता है, बल्कि शरीर की विभिन्न मांसपेशियों को भी काफी आराम मिल सकती है। इस वजह से सोने से पहले गर्भावस्था के दौरान ब्रीदिंग एक्सरसाइज करने के लाभ अच्छी नींद लाने में भी मददगार माने जा सकते हैं। 

5. तनाव कम करे

इसमें दोराय नहीं है कि ध्यान लगाने के लिए भटकते हुए मन को शांत किया जा सकता है, इससे मन में चल रहे अलग-अलग विचार और परेशानियों का तनाव भी कम किया जा सकता है। वहीं, गहरी सांस लेने के व्यायाम के दौरान भी ध्यान लगाने जैसे आसन ही किए जाते हैं। 

इस आधार पर यह माना जा सकता है कि प्रेग्नेंसी में ब्रीदिंग एक्सरसाइज के फायदे काफी हद तक तनाव कम करने में भी प्रभावकारी हो सकते हैं। 

6. ऑक्सीजन का प्रवाह अच्छा बने

गर्भावस्था के दौरान गहरी सांस लेने के व्यायाम करने से शरीर में ऑक्सिजन के प्रवाह को बेहतर बनाया जा सकता है। इससे माँ के साथ ही गर्भ में पल रहे बच्चे तक भी ऑक्सीजन का प्रवाह अच्छा बना रह सकता है। साथ ही, माँ व भ्रूण तक खून का प्रवाह भी अच्छा बना रह सकता है। 

प्रेग्नेंसी में ब्रीदिंग एक्सरसाइज करते समय किस बात का ध्यान रखना चाहिए?

गर्भावस्था के दौरान ब्रीदिंग एक्सरसाइज
गर्भावस्था के दौरान ब्रीदिंग एक्सरसाइज / चित्र स्रोतः गूगल

इस सवाल के जवाब पर डॉक्टर पूजा का कहना है कि “योग विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि गर्भवती महिलाओं को लंबे समय तक गहरी सांस नहीं लेनी चाहिए और न ही सांस को लंबे तक रोक कर रखना चाहिए। ऐसा करने से माँ के शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह प्रभावित हो सकता है, जो गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए जोखिम उत्पन्न कर सकता है। इसलिए सही तकनीक व जानकारी के साथ ही गर्भवती महिलाओं को गहरी सांस लेने के व्यायाम करने चाहिए।”

प्रेग्नेंसी में ब्रीदिंग एक्सरसाइज करने के तरीके 

प्रेग्नेंसी में ब्रीदिंग एक्सरसाइज (Breathwork Tools) करने के लिए निम्नलिखित सुरक्षित तरीकों को किया जा सकता है। पर ध्यान रखें कि अगर पहली बार सांस लेने के व्यायाम कर रही हैं, तो किसी अनुभवी की देखरेख में ही ऐसा करें। 

अनुलोम-विलोम की क्रिया करते हुए गर्भावस्था के दौरान ब्रीदिंग एक्सरसाइज करने का तरीका

  • सबसे पहले आरामदायक अवस्था में बैठ जाएं। 
  • अब अंगूठे से दाएं नथुने को बंद करें और बाएं नथुने से जितनी गहरी सांस ले सकती हैं, उतनी गहरी सांस लें। 
  • ध्यान रखें इस दौरान सांस अंदर लेते समय खुद पर जोर न डालें। सांस उतनी ही गहरी लें, जितनी सुविधाजनक हो। 
  • सांस भरने के बाद अब बाएं नथूने को बंद कर लें और दाएं नथूने से धीरे-धीरे सासं छोड़ें।
  • इसकी प्रक्रिया को एक बारे में 3 से 5 बार तक दोहरा सकती हैं। 

गर्भावस्था में ब्रीदिंग एक्सरसाइज के फायदे के लिए पेट से सांस लेने का तरीका

  • आरामदायक स्थिति में बैठकर पेट के अंदर सांस भरें। 
  • फिर 3-5 सेकेंड बाद सांस को धीरे-धीरे छोड़ें। 
  • ऐसा 5 से 10 बार कर सकती हैं। 

सीने में सांस भरते हुए करें सांस लेने के व्यायाम

  • किसी समतल स्थान, बेड, सोफा या कुर्सी पर आरामदायक स्थिति में बैठ जाएं। 
  • अब सांस को फेफड़ों तक अंदर की तरफ खीचें।
  • कुछ सेकंड बाद धीरे-धीरे सांस बाहर की तरफ छोड़ें। 
  • इसी क्रिया को 5 से 10 बार तक दोहरा सकती हैं। 

इसके अलावा, निम्नलिखित योगासन करते समय भी गर्भावस्था के दौरान गहरी सांस लेने के व्यायाम किए जा सकते हैं, जैसेः

  • बालासन (Balasana) या चाइल्ड पोज (Child Pose)
  • मार्जरीआसन (Marjariasana) या कैट पोज या बिल्ली मुद्रा (Cat Pose) 
  • मालासन (Malasana) स्क्वैट (Squat) की अवस्था में बैठना
  • भद्रासन (Bhadrasana) या बटरफ्लाई योग पोज (Butterfly Yoga poses)

गर्भावस्था के दौरान ब्रीदिंग एक्सरसाइज करने के कई लाभ पाए जा सकते हैं। बस इतना ध्यान रखना है कि जब तक गहरी सांस लेने के व्यायाम करना सही तरीके से करना न सीख लें, तब तक अनुभवी की देखरेख में ही सांस लेने के व्यायाम करें।

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