प्रसव के बाद अवसाद और होम्योपैथी

प्रसव के बाद अवसाद और होम्योपैथी

22 Jun 2022 | 1 min Read

Ankita Mishra

Author | 408 Articles

प्रसव के बाद अवसाद (Postpartum Depression in Hindi) होना क्या है, इस बारे में हर महिला को पता होना चाहिए। इसमें कोई दोराय नहीं है कि गर्भावस्था व माँ बनने के बाद एक महिला की जीवन पूरी तरह से बदल जाता है। माँ बनने की खबर उनके लिए सबसे बड़ी खुशी होती है। पर गर्भवती होने से लेकर माँ बनने तक का सफर बहुत मुश्किल होता है, जो डिप्रेशन होने के शुरुआती लक्षण भी उत्पन्न कर सकता है।

यह सफर कई तरह की शारीरिक व मानसिक समस्याओं से घिरा होता है। यही वजह है कि डिलीवरी के बाद डिप्रेशन (Postpartum Depression in Hindi) की समस्या भी देखी जाती है। प्रसव के बाद के अवसाद (Postpartum Depression in Hindi) क्यों होता है व डिप्रेशन होने के शुरुआती लक्षण (Postpartum Depression Symptoms in Hindi) क्या हैं, इसी के बारे में यहां विस्तार से बताया गया है।

प्रसव के बाद अवसाद क्यों होता है?

डिलीवरी के बाद डिप्रेशन (Postpartum Depression in Hindi) क्यों होता है, यह शारीरिक कारणों से लेकर सामाजिक व आर्थिक स्थितियों से भी संबंधित हो सकता है। 

प्रसव के बाद अवसाद / प्रसव के बाद अवसाद और होम्योपैथी
डिलीवरी के बाद डिप्रेशन / चित्र स्रोतः फ्रीपिक

डिलीवरी के बाद डिप्रेशन होने के भौतिक कारक

डिलीवरी के बाद डिप्रेशन होने के भावनात्मक कारक

  • गर्भावस्था से पहले या गर्भावस्था के दौरान बाइपोलर डिसआर्डर जैसे मनोदशा संबंधी रोग होने पर
  • परिवार में मानसिक बीमारी का इतिहास होने पर
  • तलाक होने पर
  • किसी प्रियजन से अलग होने पर
  • महिला का या बच्चे के बीमारी होने पर
  • आर्थिक तनाव होने पर
  • पारिवारिक समर्थन में कमी के कारण
  • साथी के साथ शारीरिक संबंधों या मानसिक संबंधों में बदलाव के कारण

डिलीवरी के बाद डिप्रेशन होने के सामाजिक कारक

  • परिवार या समाज द्वारा बेटी होने पर महिला की उपेक्षा
  • सिंगल मदर होने पर
  • कुंवारी माँ बनने पर
  • गर्भावस्था के दौरान किसी तरह की घरेलू हिंसा होने पर

डिलीवरी के बाद डिप्रेशन होने के शुरुआती लक्षण 

डिलीवरी के बाद डिप्रेशन होने के शुरुआती लक्षण (Postpartum Depression Symptoms in Hindi) निम्नलिखित हो सकते हैं। हालांकि, ऐसा माना जाता है कि अगर नई माँ को किसी सामान्य वजह से डिलीवरी के बाद डिप्रेशन होता है, तो वह एक से दो हफ्तों में आप दूर भी हो सकता है। प्रसवोत्तर अवसाद के लक्षण इस प्रकार हैं:

  • उदास रहना
  • बच्चे के स्वास्थ्य, शारीरिक विकास व बौद्धिक स्थिति को लेकर महिला की चिंता करना
  • मूड स्विंग होना
  • चिड़चिड़ापन होना
  • बिना किसी कारण गुस्सा होना
  • आत्मसम्मान में कमी महसूस करना
  • दिनभर सोते रहना
  • बच्चे को स्तनपान कराने से मना करना
  • कामेच्छा में कमी होना
  • भूख न लगना या बहुत ज्यादा खाना
  • बातचीत न करना
  • मन में बच्चे की देखभाल न कर पाने का डर होना

क्या पोस्टपार्टम डिप्रेशन (प्रसव के बाद अवसाद) का इलाज किया जा सकता है?

हां, डिलीवरी के बाद डिप्रेशन (Postpartum Depression in Hindi) का इलाज किया जा सकता है। इसके लिए मानसिक थेरेपी से लेकर, क्लीनिकल दवाओं व होम्योपैथी का तरीका भी अपनाया जा सकता है।

प्रसव के बाद अवसाद / प्रसव के बाद अवसाद और होम्योपैथी
डिलीवरी के बाद डिप्रेशन / चित्र स्रोतः फ्रीपिक

डिलीवरी के बाद डिप्रेशन के इलाज के लिए थेरेपी

डिलीवरी के बाद डिप्रेशन के इलाज के लिए थेरेपी का सहारा भी लिया जा सकता है। इसमें खासतौर पर संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी (Cognitive Behavioral Therapy) को शामिल किया जा सकता है। इस तरह की थेरेपी में मनोरोग विशेषज्ञ ग्रुप काउंसलिंग व महिला के साथ बातचीत के जरिए उसके डिप्रेशन के कारण व जोखिम को समझ सकते हैं और फिर उसी के आधार पर इसके इलाज की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। 

आमतौर पर संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी के जरिए मन में आने वाले नकारात्मक व्यवहार व विचारों को दूर करने का प्रयास किया जाता है। 

डिलीवरी के बाद डिप्रेशन के लिए औषधीय उपचार

डिलीवरी के बाद डिप्रेशन के लिए औषधीय उपचार में सिलेक्टिव सेरोटोनिन रिअपटेक इनहिबिटर (Selective Serotonin Reuptake Inhibitors) जैसे एंटीडिप्रेसेंट दवाओं (Antidepressant Medication) की खुराक दी जा सकती है। हालांकि, इन दवाओं की खुराक हमेशा डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही देनी चाहिए।

प्रसव के बाद अवसाद और होम्योपैथी 

होम्योपैथी विशेषज्ञ रचना जाधव पाटिल के अनुसार, प्रसव के बाद अवसाद और होम्योपैथी (Postpartum Depression & Homeopathy) का गहरा संबंध भी देखा जा सकता है। विभिन्न शोध यह बताते हैं कि डिलीवरी के बाद सेक्स की इच्छा में कमी या अन्य अवसाद, तनाव व चिंता जैसे लक्षण होने पर होम्योपैथी मेडिसन के इस्तेमाल करना लाभकारी हो सकता है। दरअसल, ऐसा माना जाता है कि होम्योपैथी की खुराक न सिर्फ शारीरिक समस्या के आधार पर तय की जाती है, बल्कि मानसिक स्थिति को देखते हुए भी इसकी खुराक तय की जाती है। 

प्रसव के बाद अवसाद दूर करने में होम्योपैथी नीचे बताए गए लक्षणों को कम करके इसका उपचार कर सकती है, जिसमें शामिल हैः

  • तनाव कम करना
  • अवसाद कम करना
  • अनिद्रा का इलाज करना
  • शारीरिक फूर्ती बढ़ाना
  • मूड स्विंग को ठीक करना

प्रसव के बाद अवसाद और होम्योपैथी (Postpartum Depression & Homeopathy) के बीच गहरे संबंध को अधिक विस्तार से जानने के लिए होम्योपैथी विशेषज्ञ रचना जाधव पाटिल का देखें यह वीडियो।

प्रसवोत्तर अवसाद से कैसे बचाव करें?

प्रसव के बाद डिप्रेशन होना (Postpartum Depression in Hindi) ही सामान्य हो सकता है। यह सामान्य स्तर से लेकर गंभीर स्तर का भी हो सकता है। हालांकि, अगर आपको प्रसव के बाद डिप्रेशन होने के शुरुआती लक्षण (Postpartum Depression Symptoms in Hindi) से बचाव करना है, तो निम्न बातों का ध्यान रख सकती हैंः

  • मन में नकारात्मक विचार आने पर करीबी सदस्यों व दोस्तों के साथ उसे शेयर करें।
  • अगर बच्चे के स्वास्थ्य को लेकर किसी तरह की चिंता है, तो तुरंत डॉक्टर से बच्चे की जांच करवाएं और अपने मन की शंका को दूर करें।
  • ऐसे लोगों से दूर रहें, जो हर बात पर चुगली और आलोचना करते हों।
  • खुद की देखभाल करें। 
  • पर्याप्त नींद लें।
  • संतुलित आहार खाएं।
  • बच्चे को समय पर स्तनपान कराएं। अगर स्तनपान कराने का सही तरीका नहीं आता है, तो नर्स, दाई या घर के बड़े व जानकार सदस्यों की मदद लें।
  • मूड स्विंग होने पर खुशमिजाज वाले संगीत सुनें।
  • धार्मिक पुस्तकें पढ़ें।
  • उचित आराम करें।
  • अगर कामकाजी हैं, तो शारीरिक रूप से स्वस्थ्य होने पर ही रोजगार पर जाएं।

डिलीवरी के बाद डिप्रेशन (Postpartum Depression in Hindi) की समस्या की समस्या किसी भी महिला को हो सकती है। इसलिए, अगर खुद में प्रसव के बाद के अवसाद के लक्षण नजर आते हैं, तो इस बारे में अपने साथी, दोस्तों व करीबी परिवार के सदस्यों के साथ बातचीत करें। हो सके तो कुछ समय के लिए कहीं बाहर घूमने की योजना भी बना सकती हैं। इसके अलावा, अगर बच्चे की देखभाल करने में परेशानी होती है, तो नर्स या आया की मदद भी ले सकती हैं।

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