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5 Month Pregnancy in Hindi-लक्षण, शिशु का विकास,शरीर में होने वाले बदलाव और आहार

5 Month Pregnancy in Hindi-लक्षण, शिशु का विकास,शरीर में होने वाले बदलाव और आहार

23 Aug 2022 | 1 min Read

Mousumi Dutta

Author | 98 Articles

किसी भी महिला की जिंदगी में माँ बनने का एहसास बहुत ही सुंदर और नायाब होता है। लेकिन गर्भधारण करने के बाद से उनको हर महीने यह लगता है कि इस महीने उनके और शिशु के शरीर में क्या बदलाव होगा। पूरे 9 महीने के दौरान होने वाले बदलावों में,  5 महीने की प्रेगनेंसी में माँ के (5 month pregnancy in Hindi) शरीर में जिस तरह के बदलाव होते हैं या शिशु में जो-जो शारीरिक विकास होता है, वह बहुत अहम होता है।

प्रेगनेंसी के पांचवेंं महीने के लक्षण। 5 mahina pregnancy ki symptoms

प्रेगनेंसी के पांचवें महीने (5 month pregnancy in Hindi) में गर्भवती महिला के शरीर में बहुत सारे बदलाव और लक्षण नजर आने लगते हैं। इसके बारे में सही जानकारी ही किसी भी प्रकार के जटिलताओं से बचाने के लिए बहुत जरूरी होता है। चलिए एक नजर प्रेगनेंसी के पांचवे महीने (Pregnancy ka 5 mahina) के लक्षणों के बारे में विस्तार से जान लेते हैं।

  1. शरीर के विभिन्न अंगों में दर्द : जैसा कि आप समझ ही रहे होंगे कि इस महीने शिशु के  शरीर में बहुत तरह के बदलाव और विकास होते है। इनके कारण माँ के शरीर के नीचले हिस्से में दर्द और सूजन की शिकायत रहती है। इसके अलावा एसिडिटी, कब्ज और सिरदर्द की परेशानी भी रहती है।
  1. कमजोरी अनुभव करना: प्रेगनेंसी के पांचवें महीने में (5th month pregnancy in Hindi) शिशु के आकार में बढ़ोत्तरी माँ के लिए परेशानी का सबब बन जाता है। शिशु का वजन बढ़ने के कारण कमजोरी और थकान महसूस होता रहता है।
  1. याद्दाश्त कमजोर हो जाना: क्या आप चीजें एक जगह रखकर दूसरे जगह पर खोजती है तो समझ जाइए कि यह पांचवे महीने के लक्षणों ( Pregnancy ka 5 month in Hindi) का एक ही अंग है। शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव कमजोर याद्दाश्त का कारण बनते हैं। 
  1. साँस लेने में तकलीफ होना: प्रेगनेंसी के पांचवें महीने (5 month pregnancy in Hindi) कें प्रोजेस्टेरोन हॉर्मोन में बदलाव और शिशु के आकार में वृद्धि साँस लेने की परेशानी का कारण बनते हैं। अगर ऐसा होता है बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
  1. वजाइना से सफेद पानी का निकलना: किसी-किसी को प्रेगनेंसी के 5 वें महीने में (pregnancy ke 5 mahine) योनि से सफेद पानी निकलने की शिकायत होती है। अगर ऐसा लंबे समय तक रहता है तो डॉक्टर को बताना न भूलें।
  1. पैरों में सूजन और दर्द:  यह शिकायत प्रेगनेंसी के पांचवे महीने (pregnancy ka 5 mahina in Hindi) में सबसे ज्यादा होती है। असल में शिशु का वजन धीरे-धीरे बढ़ने के कारण शरीर और पैर पर इसका प्रभाव पड़ता है। यहाँ तक कि वैरिकोज वेन्स की तकलीफ भी इन सब समस्याओं के साथ शामिल हो सकती है।
  1. नाक और मसूड़ों से खून निकलना: 5 महीनें के प्रेगनेंसी (5 month of pregnancy in Hindi) में शरीर में तरह-तरह के बदलाव होने के कारण यह समस्याएं होती है। अगर यह समस्या बहुत ज्यादा हो गई तो डॉक्टर से तुरंत मिलना ही सेफ होता है।

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प्रेगनेंसी के पांचवें महीने में शिशु का विकास। 5 mahine ki pregnancy mein baby ka development

सच तो यह है कि शिशु का विकास माँ के खान-पान और जीवनशैली पर निर्भर करता है। 5 महीने की प्रेगनेंसी में (5 month pregnancy in Hindi)। इस महीने में शिशु का विकास तेजी से होने लगता है। प्रेगनेंसी के पांचवे महीने में (5 ve mahine ki pregnancy) माँ और शिशु अगर पूरी तरह से स्वस्थ हैं तो शिशु का वजन लगभग 1 पाउंड और लंबाई-6 से 10 इंच की होती है। इनके अलावा शिशु में जो विकास होते है, वह इस प्रकार हैं-

  • सिर पर बाल उगने लगते हैं। कंधे और पीठ मुलायम महीन बालों उगने लगते हैं। आमतौर पर ये बाल बच्चे के जीवन के पहले सप्ताह के अंत में गिर जाते हैं।
  • वर्निक्स केसोसा , नाम का पदार्थ त्वचा पर एक सफेद कोटिंग की तरह लगा हुआ होता है। माना जाता है कि यह “चीसी” पदार्थ भ्रूण की त्वचा को एमनियोटिक द्रव के लंबे समय तक संपर्क से बचाने में मदद करता है।
  • शिशु के मुँह के अंदर दाँतों का बनना शुरू हो जाता है।
  • शिशु अपनी आँख थोड़ी-खोल सकता है।
  • शिशु के पेट के भीतर किडनी बनना शुरू हो जाता है।
  • शिशु में मसल्स और हड्डियों का बनना शुरू हो जाता है।
  • शिशु में भौंह, देखने की शक्ति विकसित होने लगती है। 
  • शिशु का मस्तिष्क तेज होने लगता है।
  • शिशु अगर लड़का है तो टेस्टिकल बनना शुरू हो जाता है।
  • ठीक उसी तरह शिशु अगर लड़की है तो यूटेरस बनना शुरू हो जाता है।

प्रेगनेंसी के पांचवें महीने में शरीर में होने वाले बदलाव (5 month pregnancy in Hindi)। 5 mahine ki pregnancy mein sharir mein hone wale badlao

5 महीने के प्रेगनेंसी में बेबी बंप स्पष्ट रूप से नजर आने लगता है। इसलिए पाँच महीने की प्रेगनेंसी में गर्भवती माँ को अपना बहुत ज्यादा ध्यान (5 month pregnancy care in Hindi)  रखने की जरूरत होती है। शरीर के शेप और साइज में बदलाव के अलावा कुछ और भी बदलाव होते हैं, जो निम्नलिखित हैं-

  • भूख में बढ़ोत्तरी: प्रेगनेंसी के पांचवें महीने में (Pregnancy ke 5 month) कुछ महिलाएं सब कुछ खाती हैं तो कुछ महिलाओं में विशेष चीजों के प्रति अरूची पैदा हो जाती है।
  • स्ट्रेच मार्क्स पड़ना शुरू हो जाना: 5 wa mahina pregnancy में पेट का आकार बढ़ जाने के कारण लिगामेंट में स्ट्रेस पड़ने लगता है, जिसके कारण पेट पर स्ट्रेच मार्क्स पड़ना शुरू हो जाता है।
  • बालों के टेक्सचर में बदलाव: गर्भावस्था के पांचवे महीने में (5th month pregnancy in Hindi) बालों का झड़ना कम होने के साथ कुछ हद तक मोटे हो जाते हैं।
  • बेबी बंप यानि गर्भाशय का आकार बढ़ जाना: गर्भावस्था के पांच‍वे महीने में बेबी बंप बहुत बड़ा हो जाता है, इसलिए हमेशा सॉफ्ट और ढीला-ढाला कपड़ा पहनना अच्छा होता है।
  • खून की कमी होने के लक्षण: शायद आपको पता नहीं है कि पांचवें महीने में (pregnancy ke 5 month) खून की कमी होने पर हथेलियाँ गर्म होने लगती हैं, इसलिए ऐसे लक्षण महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर को बताना चाहिए। 

ये भी पढ़ें: प्रेगनेंसी में पेट कब निकलता है?

प्रेगनेंसी के पांचवे महीने में सेवन करने वाले आहार/ चित्र स्रोत: फ्रीपिक

प्रेगनेंसी के पांचवें महीने में सेवन करने वाले आहार (5 month pregnancy in Hindi) । Pregnancy diet during 5 month pregnancy in Hindi

गर्भावस्था के पांचवे महीने में (Pregnancy ka 5 mahina) गर्भवती माँ को अपने डाइट पर नजर डालने की बहुत जरूरत होती है। क्योंकि उनके डाइट का सीधा असर पेट में पल रहे बच्चे पर पड़ता है। गर्भवती महिला को संतुलित और पौष्टिकता से भरपूर फूड्स का सेवन करना चाहिए।

  • पर्याप्त मात्रा में पानी या फ्लूइड का सेवन करना चाहिए
  • अंडा, पनीर, दाल जैसे प्रोटीनयुक्त फूड्स का सेवन करना चाहिए
  • डाइट में रोजाना सलाद को शामिल करना चाहिए
  • फलों में सेब, केला, संतरा जैसे फलों को डाइट में शामिल करना चाहिए
  • होलग्रेन में चावल, गेंहूं, ओट्स आदि का सेवन करना चाहिए

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प्रेगनेंसी के पांचवें महीने में किन चीजों से परहेज करें (5 month pregnancy in Hindi)। Foods and Things to avoid during 5 month of pregnancy in Hindi?

प्रेगनेंसी ऐसी अवस्था है जहाँ माँ को अपना और शिशु का ध्यान रखने के लिए खाने-पीने से लेकर जीवनशैली में भी बहुत सारे बदलाव करने चाहिए। प्रेगनेंसी के पांचवें महीने में (5 month of pregnancy in Hindi) निम्न चीजों का रखना चाहिए ध्यान, नहीं तो सेहत को पहुँच सकता है नुकसान-

  • चाय और कॉफी का अत्यधिक सेवन को कहे ना
  • जंक फूड और कोल्ड ड्रिंक्स से दूरी बरतें
  • सिगरेट और शराब से दूरी बरतें
  • कच्चा मांस और मछली न खाएं
  • बाएं करवट न सोएं
  • लंबे समय तक न बैठे और न ही लेटे
प्रेगनेंसी के पांचवे महीने के लिए व्यायाम/ चित्र स्रोत: फ्रीपिक

प्रेगनेंसी के पांचवें महीने के लिए व्यायाम (5 month pregnancy in Hindi)। Exercise during pregnancy ka 5 mahina in Hindi

पांचवे महीने की प्रेगनेंसी (Pregnancy ka 5 mahina in Hindi) में खुद को हेल्दी रखने और एक्टिव रहने के लिए व्यायाम या एक्सरसाइज करना बहुत जरूरी होता है। अगर प्रेगनेंसी में कोई कॉम्प्लिकेशन नहीं है तो डॉक्टर से सलाह लेकर योगासन कर सकते हैं, जैसे- सुखासन, वज्रासन आदि।

प्रेगनेंसी के पांचवे महीने में क्या-क्या होता है, अब तक के चर्चा से आशा करते हैं कि आप सबको पता चल गया होगा। पांचवें महीने में माँ और शिशु के लिए कौन-कौन से एहतियात बरतने चाहिए और क्या करना चाहिए इस बारे में जानकारी मिल गई होगी।

ये भी पढ़ें: प्रेगनेंसी की हर तिमाही के लिए योगासन

अक्सर पुछे जाने वाले सवाल-   FAQ’s

1. प्रेगनेंसी में 5 महीने में क्या सावधानी रखनी चाहिए?

प्रेगनेंसी के 5 महीने में खान-पान और जीवनशैली में सावधानियाँ बरतनी चाहिए। कॉफी, चाय, शराब, सिगरेट जैसे चीजों से दूरी बरतने के साथ कच्चा मांस या मछली भी नहीं खाना चाहिए। ज्यादा देर कहीं बैठना नहीं चाहिए और एक्सरसाइज बिना डॉक्टर के सलाह नहीं करना चाहिए।

2-5 महीने में बच्चा कैसे घूमता है?

5 महीने में बच्चा जम्हाई, अंगड़ाई, पैर और हाथों को खिंचने जैसी गतिविधियाँ करता है। 

3. 5वें महीने में बच्चे की हलचल कैसे महसूस करें?

गर्भावस्था के पांचवे महीने में (Pregnancy ka 5 mahina) में शिशु अपने हाथ-पैरों को घुमाकर, किक मारकर, अंगूठा चूसकर पेट में अपने उपस्थिति का एहसास दिलाता है।

4.मां के पेट में बच्चा कौन से महीने में घूमता है?

माँ बच्चे के पेट में पांचवे महीने से किक मारकर या हाथ-पैरों को घुमाकर घुमना शुरू करता है। 

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